इस कारण 1 फरवरी को फांसी पर नहीं चढ़ पाए निर्भया केस के दोषी
देश के निर्भया केस के बारे में तो आपने सुना ही होगा। यह एक ऐसी घटना थी जिसमें पूरे देश भर को हिला दिया था। पिछले कुछ महीनों से लगातार इन दोषियों के फांसी की चर्चा जोरों पर है। 1 फरवरी को तीन दोषियों को फांसी होनी थी मगर कुछ विशेष कारणों से निर्भया केस के दोषी फांसी पर नहीं चढ़ पाए। दरअसल फांसी दिए जाने वाले चार आरोपियों में से एक आरोपी विनय कुमार शर्मा की याचिका राष्ट्रपति के पास अभी भी लंबित है। जिसको लेकर उसमें दिल्ली के पटियाला कोर्ट में अपील की थी और अब कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है। जिसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए 1 फरवरी को फांसी पर रोक लगा दी।
इस कारण फांसी पर लटकने से बच गए निर्भया केस के दोषी
दरअसल 1 फरवरी को इन चारों आरोपियों को फांसी दी जानी थी तिहाड़ जेल की तरफ से यह बयान दिया गया जो 3 आरोपी हैं उनकी सभी तरह की दया याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं। ऐसे में उन तीनों आरोपियों को तो फांसी पर लटकाया ही जा सकता है और इसमें कुछ गैरकानूनी भी नहीं है। मगर दिल्ली की पटियाला कोर्ट ने चारों आरोपियों की फांसी पर रोक लगा दिया है क्योंकि एक आरोपी विनय कुमार शर्मा की दया याचिका अभी भी राष्ट्रपति के पास लंबित है।

यह दूसरी बार है जब इन आरोपियों को फांसी नहीं दी गई। दिल्ली की पटियाला कोर्ट ने अगले आदेश तक इन सभी आरोपियों की फांसी रोक दी है।
पहले 22 जनवरी को होनी थी फांसी
इससे पहले 7 जनवरी को दिल्ली के पटियाला कोर्ट ने इन चारों को या सजा दी थी कि 22 जनववरी को है फांसी पर लटकाया जाएगा। 17 जनवरी तक उन्होंने सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर लिया था मगर एक दोषी मुकेश कुमार ने अदालत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी जिसके बाद यह फांसी 1 फरवरी को होनी थी। देशभर में पहले से ही इन आरोपियों के खिलाफ गुस्सा अपने चरम पर है।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



